Keywords क्या होते हैं?और इन्हें SEO के लिए जरूरी क्यों माना जाता है?

Keywords क्या होते हैं?और इन्हें SEO के लिए जरूरी क्यों माना जाता है?

साथियों यदि आप पहले से एक ब्लॉगर हैं। या फिर भविष्य में ब्लॉगर बनना चाहते हैं। तो फिर आपको कीवर्ड्स के बारे में तो पता ही होगा अगर नहीं पता है। तो फिर पता होना चाहिए।क्योंकि दोस्तों कीवर्ड्स SEO के लिए बहुत ही जरूरी होता है। दोस्तों इसी वजह से आज हम आपको कीवर्ड्स के बारे में संपूर्ण जानकारी देने जा रहे हैं। इसलिए पोस्ट में शुरू से लेकर अंत तक बनी रहे क्योंकि आपके ब्लॉगर होने की वजह से यह पोस्ट आपके लिए बहुत ही ज्यादा कमाल की होने वाली है।
क्योंकि साथियों अगर आप हमारी पोस्ट को शुरू से लेकर अब तक बने रहेंगे तो फिर आपको keywords से संबंधित सभी प्रकार की जानकारी स्टेप बाय स्टेप मिलने जा रही है साथियों ब्लॉगर एक ऐसा काम है। जिसकी वजह से आप अपने भविष्य में सबसे आगे निकल कर काफी ऊंचाइयों को छू सकते हो और अपने हर एक सपने को पूरा कर सकते हो इसी वजह से आपका कीवर्ड्स के बारे में जानना बहुत जरूरी है। आज के इस समय में लाख लोग ब्लॉगिंग के काम कर कर महीनों की अच्छी खासी कमाई कर रहे हैं। तो आप भी उनकी तरह महीने के अच्छे खासे पैसे कमा सकते हो।

Keywords क्या होते हैं? पूरी जानकारी

दोस्तों यह अगर यहां पर हम बात करें तो ब्लॉगिंग के फील्ड में सबसे ज्यादा महत्व keywords को ही दिया जाता है। क्योंकि यह एक ऐसी चीज होती है। जिसकी वजह से आपकी पोस्ट search engine में रैंक होती है। अगर हम आपको प्रोग्रामिंग लैंग्वेज के बारे में बताएं तो keyword एक reserved word होता है। और हां इसका उपयोग हम variable के तौर पर नहीं कर सकते हैं। तू अभी आप यह तो समझ ही चुके होंगे कि keywords को ब्लॉगिंग के फील्ड में सबसे महत्वपूर्ण माना जाता है। क्योंकि साथियों keywords एक ऐसी चीज होती है।जिसके से ब्लॉक यह जान पाता है। कि कौन से कीवर्ड्स को लगाने से हमारा ब्लॉग रैंक कर सकता है।

Keyword research की पूर्ण व्याख्या?

दोस्तों आपने कभी ना कभी तो किसी न किसी के मुंह से keyword research का नाम तो सुने ही लिया होगा मगर आप इस नाम को सुनकर अचंभे में पड़ जाते होंगे कि आखिरकार यह क्या होता है। तो आपको यहां पर घबराने की कोई जरूरत नहीं है। आपको इसके बारे में भी हम बताने जा रहे हैं। साथियों keyword research का मतलब वैसे तो कीवर्ड्स को खोजना या फिर यह भी कह सकते हैं। कि हमारे कंटेंट के आधार पर एक समान यानी के मिलते जुलते हुए ( most relevant ) एवं high ranking keywords को खोजने के बाद अपने ब्लॉक के अंदर लिखना होता है।

दोस्तों अगर हम आपको यहां पर सीधी सी भाषा में बताएं तो हम जिस भी विषय पर कंटेंट लिखते हैं।तो फिर उस विषय के लिए सही keywords को फाइंड करना एवं उपयोग करना ही keyword research कहलाता है।क्योंकि दोस्तों की कीवर्ड्स रिसर्च करने से हमें अच्छे से अच्छे एवं बेहतरीन keywords के बारे में भी पता चल जाता है।और इसी कारण से हमारा ब्लॉक बहुत ही अच्छी तरीके से रैंक हो पाता है। अब आप यह तो जरूर सोच रहे होंगे keyword search बहुत ही मुश्किल काम होगा मगर ऐसा बिल्कुल भी नहीं है। यह बहुत सरल काम होता है। क्योंकि आज के समय में काफी सारे keywords generator tools बना दिए गए हैं।और जब कभी भी आप टूल्स के द्वारा अपने विषय को खोजते हो तो फिर यहां पर आपको सैकड़ों की संख्या मैं keywords generate हो जाते हैं।

तो फिर ऐसे में आप लोग यह नहीं समझ पाते हैं। कि कौन से keywords को लगाना है।और कौन से को नहीं लगाना है।क्योंकि देखने में तो सभी कीवर्ड्स एक जैसे लगते हैं मगर इसी कारण से कीवर्ड्स ranking, popularity और सी के साथ-साथ competitive score चेक करना बहुत ही जरूरी माना जाता है।

Keyword research के क्या फायदे होते हैं?

दोस्तों अगर आपको अपनी आर्टिकल के अंदर perfect high quality keywords सर्च करने से आपके आर्टिकल को बहुत ही जगह फायदा मिलता है। तो अब हम आपको keyword research के फायदों के बारे में बताने जा रहे हैं।जो कि आपकी पोस्ट के लिए काफी ज्यादा महत्वपूर्ण हो सकते हैं। Blog CPC high हो जाती है?

साथियों जब आप लोग किसी आर्टिकल के लिए keyword search करने के बाद अपने आर्टिकल में high CPC keywords को लगाने पर आपके AdSense की CPC इनक्रीस होना स्टार्ट हो जाती है। तो इसका यही काम होता है। कि बाय द वे अगर आपके ब्लॉग पर Google AdSense की तरफ से बहुत ही कम CPC मिलती है। तो फिर वह इनक्रीस होने लग जाती है। क्योंकि इसके बढ़ने से ही आप अपने ब्लॉक के द्वारा अधिक से अधिक पैसा कमा पाते हैं। तू इसी वजह से आपको अपने ब्लॉक के अंदर keyword research करण बहुत ही जरूरी हो जाता है। इसी के साथ पोस्ट में keywords को perfectly optimised करना बहुत ही महत्वपूर्ण होता है।
Blog का traffic बढ़ता है?

दोस्तों अगर आप लोग अपने ब्लॉग पोस्ट पर keyword research कर देने के बाद अपने ब्लॉग पोस्ट पर सही प्रकार से search engine के लिए optimise करने पर आपकी पोस्ट को search engine मैं बहुत ही अच्छी position मिलने की उम्मीद बढ़ जाती है क्योंकि साथियों जब आपकी पोस्ट search engine मैं रैंक होने लग जाती है। तो फिर आपको अंदाजा भी नहीं होगा कहने का मतलब है। कि आपके ब्लॉग पर traffic काफी तेज तरीके से आने लगता है।

जानिए keyword stuffing के बारे में?

दोस्तों जब किसी keywords या फिर text को पेज के अंदर multiples repeat करते हैं। तू इस प्रक्रिया को keyword stuffing कहा जाता है.और बहुत से लोग तो ऐसे होते हैं जो कि website ranking की वजह से keyword stuffing का उपयोग भी किया करते हैं। मगर आपकी जानकारी के लिए हम आपको यहां पर बता दें कि keyword stuffing को search engine मैं spam मानते हैं।और इसी के साथ में यह एक Black hat SEO technique भी है। तो इसी वजह से हम आपको keyword stuffing का उपयोग करने की सलाह नहीं देंगे हालांकि keyword stuffing करने से आपका आर्टिकल rank हो जाता है। लेकिन जैसे ही गूगल के पास में indication पहुंच जाता है। तो फिर आप का आर्टिकल rank से down होता चला जाता है। ऐसे में अगर आप लोग SEO expert की बात मान कर चलेंगे तो फिर keywords density 2% से लेकर 3% तक होना ही बहुत ही अच्छी मानी जाती है। इसी कारण से हम आपको बार-बार यही सलाह देंगे कि आप भूल कर भी अपने आर्टिकल के अंदर keyword stuffing को उपयोग नहीं करें।
Keywords कितने प्रकार के हो सकते हैं?
दोस्तों अगर हम यहां पर keywords की बात करें तो मुख्य रूप से keywords पांच प्रकार के माने जाते हैं। अगर आप भी उनके बारे में जानना चाहते हैं। तो लिस्ट नीचे हमने विस्तार पूर्वक बताया है आप जान सकते हैं।

(1) trendin

साथियों trending keyword को fresh keyboard के नाम से भी जाना जाता है। कहने का मतलब है ट्रेनिंग की वर्ड वह होते हैं। जो कि सर्च में सबसे जल्दी आते हैं। नहीं तो ऐसे भी कह सकते हैं। कि उन्हें keywords कुछ टाइम के लिए सबसे ज्यादा उपयोग करते हैं वह trending keywords कहलाते हैं।

(2) ever green keywords

साथियों यहां पर ever green keyword वह माने जाते हैं। जो कि बार-बार सर्च में आते रहते हैं। एवं आगे भी लॉगइन एस सर्च करते रहते हैं। और साथियों हम आपकी जानकारी के लिए आपको या और बता दें कि ever green keyboard अपने search volume को नियमित रूप से लगता है।

(3) area targeting keyword

दोस्तों यह इस प्रकार के कीवर्ड्स होते हैं। जैसे कि इनमें कोई area target किया जाता हो उदाहरण के तौर पर Delhi Metro route,jobs in Kolkata और SSC course in Jaipur तू कुछ इस प्रकार के कीवर्ड्स को area targeting keywords के रूप में जानते हैं।

(4) customer targeting keyword

दोस्तों यह इस प्रकार के कीबोर्ड माने जाते हैं।जो कि customers को मुख्य रूप से target करते हैं। यहां पर हम आपको कुछ उदाहरण दे रहे हैं।जैसे best face cream for men, best hair fall shampoo for men तू साथियों इस प्रकार के कीवर्ड्स customer targeting keywords कहलाते हैं।

(5) product targeting keywords

दोस्तों इन्हें कुछ ऐसा keywords माना जाता है।जिनकी मदद से कोई भी एक महत्वपूर्ण प्रोडक्ट target होता है। और इसके उदाहरण निम्न है। जैसे xiaomi smartphones, Titan watch for women इस प्रकार के कीवर्ड्स product targeting keywords कहलाते हैं।

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Keyboard placement कैसे किया जाता है?

दोस्तों सब कुछ जानने के बाद आपको कीवर्ड प्लेसमेंट के बारे में जानना भी बहुत ही जरूरी होता।है क्योंकि यह भी एससीओ के लिए बहुत ही जरूरी होता है। आइए इसके बारे में जानते हैं।

(1) blog post title

दोस्तों यहां पर आपको सबसे पहला की वर्ड ब्लॉक पोस्ट टाइटल केंद्र डालना पड़ता है। इसे मुख्य रूप से हम H1 हेडिंग के रूप में भी जानते हैं इसी वजह से आपको अपनी हेडिंग के अंदर चुने हुए कीवर्ड्स को लगाना चाहिए। और यह कीवर्ड प्लेसमेंट का सबसे पहला चरण माना जाता है।अब आपके मन में एक सवाल आया होगा कि आखिरकार हैडिंग के अंदर keywords लगाने से क्या होता है? तो हम आपको या फिर बता दें keywords लगाने से गूगल यह समझ पाता है। कि आपका आर्टिकल किस टॉपिक पर है। ऐसा होने पर आप का आर्टिकल बहुत ही जल्दी रैंक हो जाता है।

(2) Permalink

दोस्तों यहां पर दूसरी सबसे महत्वपूर्ण बात keyboard permalink के अंदर डालते हैं।और परमा लिंक को blog URL भी कहा जाता है। इसके अंदर आपको primary keyword जरूर इस्तेमाल करना चाहिए।क्योंकि साथियों अगर आप लोग अपने आर्टिकल के अंदर बिल्कुल सटीक रूप से permalink का उपयोग करते हो तो तो आपके आर्टिकल की Google search मैं आने की संभावना बढ़ जाती है।

(3) search description

दोस्तों आपकी जानकारी के लिए बता देंगे meta description, title एवं URL यह तीनों ही आपको Google search केंद्र देखने के लिए जाते हैं। इसी कारण से आपके primary keywords का इन तीनों जगह पर होना बहुत ही जरूरी होता है इसी कारण से आपको सर्च डिस्क्रिप्शन के अंदर main keywords को जरुर डालना चाहिए जिसकी वजह से गूगल आपकी पोस्ट को अच्छे से समझ पाए।

(4) first and the last paragraph

दोस्तों आपको बता दें कि आपका पहला और आखरी paragraph बहुत ही ज्यादा इंपॉर्टेंट माना जाता है क्योंकि गूगल पोस्ट के सबसे पहले 100 कीवर्ड्स केंद्र primary keyword को ढूंढने का काम करता है इसलिए आपको यहां पर यह देखना है कि आपको keywords के आधार पर पहले 100 शब्दों को खुद से ही लिखना पड़ेगा और इसी के साथ गूगल को भी समझाना पड़ेगा और आप आखिरी पैराग्राफ में keyboard पर जरूर डालें ऐसा करने पर गूगल यह जान जाता है कि आपकी पोस्ट को कौन से keyboard मैं रैंक करवाना है। तो यह सब बहुत जरूरी होता है।
आज आपने क्या सीखा?

दोस्तों आज किस पोस्ट के माध्यम से हमने आपको keywords के बारे में बताया है जो कि एक ब्लॉगर के लिए जानना बहुत ही जरूरी है आप भी एक ब्लॉगर हैं तू हमें आशा है कि यह पुस्तक लिए काफी ज्यादा हेल्पफुल साबित रही होगी अगर आपको हमारी यह पोस्ट पसंद आई हो और इससे लाभ हुआ हो तो इसे अपने दोस्तों के साथ जरूर शेयर करें अगर इस पोस्ट से संबंधित आपके मन में कोई सवाल है तो कमेंट बॉक्स में जरूर बताएं पोस्ट को ध्यानपूर्वक पढ़ने के लिए आपका तहे दिल से धन्यवाद।

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